11 अक्तूबर 2009

चीनी भाषा तथा लिपि

प्रतिभा पायें
पी-एच.डी. इन्फोर्मेटिक्स एवं लैंग्वेज इंजीनियरिंग विभाग
चीनी भाषा चीन देश की राजभाषा है। चीनी भाषा को चीन में हनयू (Hanyu) कहा जाता है। यह भाषा चिन-तिब्बती भाषा-परिवार की है। चीनी भाषा की लिपि चित्रात्मक है। यह दो तरह की होती हैं-
1∙ परंपरागत चीनी लिपि ( Traditional Script½
2∙ सरलीकृत चीनी लिपि (Simplified Script )
चीनी भाषा संसार में सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है। यह चीन एवं पूर्वी एशिया के कुछ देशों में बोली जाती है। संसार की भाषाओं का वर्गीकरण अफ्रीका खंड, यूरेशिया खंड, प्रशांत महासागरीय खंड, अमेरिका खंड नाम के चार विभागो में किया गया है। इनमें से यूरेशिया खंड में चीनी भाषा का आविर्भाव होता है। इस खंड के अंतर्गत निम्नलिखित भाषा-परिवार हैं। सेमेटिक, काकेशस, यूरालअल्ताइक, एकाक्षर, द्रविड़, आग्नेय, भारोपीय और अनिश्चिम। इनमें चीनी भाषा एकाक्षर परिवार की जाती है। स्यामी, तिब्बती, बर्मी, म्याओ, लोलो और मान-ख्मेर समूह की भाषाएँ भी इसी परिवार में शमिल हैं।
चीनी लिपि, जो संसार की प्राचीनतम लिपियों में से है, चित्रलिपि का ही रूपांतर है। इसमें मानव जाति के मस्तिष्क के विकास की अदभूत कहानी मिलती है। मानव ने किस प्रकार मछली, वृक्ष, चन्द्र, सूर्य आदि वस्तुओं को देखकर उनके आधार पर अपने मनोभावों की व्यक्त करने के लिए एक विभिन्न चित्रलिपि ढूंढ़ निकाली है। कितने परिवर्तनों के बाद इसका अंतिम रूप निश्चित हुआ होगा, यह जानने के साधन आज इतिहास में विलीन है। इस लिपि के अध्ययन से इसकी वैज्ञानिकता और व्यवस्था स्पष्ट है। ईसवी सन् के 1700 वर्ष पूर्व से लगातार आज तक उपयोग में आने वाले चीनी शब्दों की आकृतियों में जो क्रमिक विकास हुआ है उसका अध्ययन इस दृष्टि से बहुत रोचक है।

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